@jayshreekrishna922: भगवान श्रीकृष्ण की स्थिति परम दिव्य, अद्वितीय और लीला-मय है। वे संसार के कर्ता, पालक और संहारक हैं, फिर भी लीला में बालरूप में ग्वालों के साथ खेलते हैं। प्रभु प्रेम के सागर हैं। प्रमेअनंद महाराज का भाव श्रीकृष्ण के प्रति अत्यंत भक्तिपूर्ण, प्रेम और समर्पण से भरा हुआ है। उनका हृदय श्रीकृष्ण की मधुर लीलाओं में तल्लीन रहता है। वे कृष्ण नाम में लीन होकर भक्ति का अमृत लुटाते हैं।